“बारान ” / “Rain”– YMPH DAILY CHALLENGE WINNERS POETRY

20/01/2021 की प्रतियोगिता का विषय है “बारान” / “Rain”। हमसे जुड़े हुए प्रतिभावान कवियों के कविताओं को पढ़िए । प्रेम, डर, और अंधकार ऐसे कई मायने होंगे जो कवियों के दिल को भावुक रखते है । ऐसी भावुकता का हम आदर करते है और उनकी भावनाओं को निपुण बनाना ही संकल्प है हमारा । हम हर रोज किसी न किसी विषय पर अपने व्हाट्सएप्प ग्रुप में Daily Challenge प्रतियोगिता के माध्यम से लेखकों तथा कवियों को उनकी बातों को कलम तक आने का मौका देते है । और जो सबसे अच्छा लिखते हैं । आप उनकी लेख इस पेज पर पढ़ रहे है

अगर आप भी एक कवि या कहानीकार है और अपनी रचना को पन्नो पर उतारना चाहते है तो हमारा व्हाट्सएप्प ग्रुप अभी जॉइन कीजिये ।

First

Avijit Basu Roy

Rain
I wonder why sometimes,
The eyes merely burn,
There is fire,
There is smoke,
But there are no clouds,
There are no rains.
Yet in the trenches deep down the heart,
The vapors of hurt feelings,
Rise, saturate and pours down,
And no one can see it.
Ig- bravijit@khamkhyali

Second

Zeenat

Rain..

The sound of the sprinkles
That finish your winkles..

The fragrance of the soil..
The new fresh mood get broil..

The waves of the air..
Make your mind relax and clear..

The sound of the rain
Matches your heart beat..
And just go outside
And on the wet land just put your feat..

The rain is like the drug of relaxation..
It has the power to remove your all tensions…
Ig-@al.fi7709

Third

Divya Saxena

बेचैनियों में सुकून सी शख्सियत है उसकी
तकलीफों में मुस्कुराहट सी जरूरत है उसकी
साथ हो तो ज़िन्दगी गुलज़ार होती है
सावन में पहली बरान सी आहट है उसकी
जिसके आने से जीवन महक सा गया है
खुशियों का घड़ा भी छलक सा रहा है
इंसानी पैरहन में फरिश्ता सा लगता है
दर्द हद से जब बढ़ता है, किसी दुआ सा लगता है
पाकर उन्हें गर्व सा होता है,
कि, कोई तो है जो हरपल हमारे लिए होता है
Ig-@diaa_writes06