26/03/2021 की प्रतियोगिता का विषय है “मोहे रंग दे/Color ।me”। हमसे जुड़े हुए प्रतिभावान कवियों के कविताओं को पढ़िए । प्रेम, डर, और अंधकार ऐसे कई मायने होंगे जो कवियों के दिल को भावुक रखते है । ऐसी भावुकता का हम आदर करते है और उनकी भावनाओं को निपुण बनाना ही संकल्प है हमारा । हम हर रोज किसी न किसी विषय पर अपने व्हाट्सएप्प ग्रुप में Daily Challenge प्रतियोगिता के माध्यम से लेखकों तथा कवियों को उनकी बातों को कलम तक आने का मौका देते है । और जो सबसे अच्छा लिखते हैं । आप उनकी लेख इस पेज पर पढ़ रहे है
अगर आप भी एक कवि या कहानीकार है और अपनी रचना को पन्नो पर उतारना चाहते है तो हमारा व्हाट्सएप्प ग्रुप अभी जॉइन कीजिये ।
First
Sweta Roy
तेरे प्रीत का रंग है साजन
रंगों से किया मैंने श्रृंगार
आज मोहे रंग दे अपने रंग से
तू ही तो है मेरा संसार
हर रंग के साथ प्रीत है तेरा
पर लाल रंग मुझे सोहे
रंग प्रीत का लाल रंग है
लाल रंग ही मेरा गहना
तेरे प्रीत के रंगों से ही
रोशन मेरी दुनियाँ
तुझ संग मेरा प्रीत जन्मों का
तुझ संग ही मुझे रहना
रंग खुशी का रंग हँसी का
तुझ संग ही तो प्रीत का डोर बंधा
अपने प्रेम से मोहे रंग दे साजन
छुटे ना कभी तेरा संग ना
प्रीत की डोर तो विश्वास से बंधा
ये धागा है दिल का
तुझ संग मेरी धड़कन बंधी है
जीवन भर बस तू यूँ ही रहना।
Second
Deeksha Pathak
“मोहे रंग दो”
मोहे रंग दो कोई ऐसे रंग में
दो नैनन में उसके बस जाऊँ
कुछ मर्यादित वो राम सा है
पर चंचल क्रीड़ा नयन करें जब
लगता मुझको कुछ श्याम सा है
मोहे रंग दो कोई भक्ति रंग में
कि सिया राम की बन पाऊँ
पर संग में थोड़ा प्रेम रंग भी
मुझपर ऐसे मल देना
कि कृष्ण रंग में रमकर मैं
राधा सी प्रेमन बन जाऊँ
वो शिव सा धीर गम्भीर अगर बन
बैरागी रंग में रंग जाए
गौरा के शील में मुझको रंगना
और तपोरंग भी चढ़े कुछ ऐसा
कि उसकी अर्धांगिनी बन पाऊँ
मोहे रंग दो कोई ऐसे रंग में
दो नैनन में उसके बस जाऊँ
Third
Sakshi Tomar
“मोहे रंग दे”
प्रेम रंग में प्रीत रंग में
रंग दे मोहे सात रंग में …
डाल चुनरिया तेरे नाम की
पनघट पर जब नीर भरूंगी ….
पायल में घुंघरू पहनूंगी
सुर ताल में खुदको लीन करूंगी !!
बेरंग मेरे जीवन को अपने
मोरपंख के रंग में रंग दे
रस भरदे उजड़े उपवन में
प्रेम रंग में प्रीत रंग में
रंग दे मोहे सातों रंग में ..!!!
बरसाने में रास रचाने
आजा एक टक आंख लड़ाने
मीरा सा भक्ति रंग लगा दे
निश्दीन राधा सी टीस बड़ाने ..!!
मृदुल, सरल , कोमल रंगों से
यमुना के तट को रंगमय कर दे..!!
प्रेम रंग में प्रीत रंग में
रंग दे मोहे सात रंग में ..!!
Special Write-up
Gunjan Kumari
मोहे रंग दे
लाल, गुलाबी, नीले, पीले
हर तरफ रंग रंगील
कहीं गुलाल कहीं थाल
तू मोहे रंग दे लाल
लाल रंग में रंग जाऊं मैं
तेरी जोगन बन जाऊं मैं
आऊँ तेरे द्वारे
खुद को रंगवाने
सारी दुनिया छोड़ बस तेरी हो जाऊं
रंगों की तरह तुझ में मिल जाऊं
तेरा दिया जीवन तुझे ही अर्पण
मीरा बन तुझ में मैं खो जाऊं
राधा संग तू रास रचाए
गोपी बन मैं भी उसमे शामिल हो जाऊं
तेरी बंसी पर थिरक थिरक कर
मैं भी मंत्रमुग्ध हो जाऊं
तेरी भक्ति में खुद को खोकर
हो जाऊं मैं खुशहाल
सब कुछ छोड़ कर ओ कान्हा
बस तू मोहे रंग दे लाल