08/01/2026 की प्रतियोगिता का विषय है “बेटी” हमसे जुड़े हुए प्रतिभावान कवियों के कविताओं को पढ़िए । प्रेम, डर, और अंधकार ऐसे कई मायने होंगे जो कवियों के दिल को भावुक रखते है । ऐसी भावुकता का हम आदर करते है और उनकी भावनाओं को निपुण बनाना ही संकल्प है हमारा । हम हर रोज किसी न किसी विषय पर अपने व्हाट्सएप्प ग्रुप में Daily Challenge प्रतियोगिता के माध्यम से लेखकों तथा कवियों को उनकी बातों को कलम तक आने का मौका देते है । और जो सबसे अच्छा लिखते हैं । आप उनकी लेख इस पेज पर पढ़ रहे है
The theme of the competition for 08/01/2026 is “Daughters”. Read the poems of the talented poets associated with us. Love, fear, and darkness are the many meanings that keep the hearts of poets emotional. We respect such sentiments and it is our resolve to make their feelings adept. Every day, we give an opportunity to writers and poets to put their thoughts to pen through the Daily Challenge competition in our WhatsApp group on different Topic. And those who write best. You are reading those article on this page.
Daughters
बेटियाँ हैं घर की देवी..
बेटियाँ हैं देवी की रूप,
घर की शोभा, दिल की धड़कन।
स्नेह की बूंद, प्यार की साँस, जीवन में भर देती हैं आंगन में धूप।
हँसती हैं तो फूल खिलते,
रोती हैं तो बादल बरसते।
बेटियाँ हैं आँखों की ज्योति,
मन की मुरादें सरसते।
बेटियाँ हैं शक्ति की धारा,
ममता की सागर अपार।
सपनों को देती उड़ान,
भर देती हैं घर में प्यार जरा।
बेटियाँ पढ़ती हैं, लिखती हैं,
बढ़ती हैं जीवन पथ पे आगे ।माँ-बाप का मान, करती हैं अपने दम पर आगे,
वे हर कदम पर साथ निभाती, परिवार को जोड़ती हैं।
बेटियाँ देती हैं सौभाग्य अपार,
बेटियाँ हैं घर की लक्ष्मी।
सुख-दुःख में साथ निभाती,
बन जाती हैं परिवार।
उनकी मुस्कान में बसता है,
घर का सुख और उल्लास।
बनकर सबका विश्वास,
वे हर जिम्मेदारी उठाती हैं।
बेटियाँ हैं कल की भविष्य,
देश की उन्नति की आस।
उनकी शिक्षा से ही बनेगा,
भारत का नवनिर्माण खास।
बेटियाँ हैं समाज की आधार,
वे सीखती हैं, सिखाती भी हैं।
जीवन के हर पहलू में, आगे बढ़ाती हैं,
बेटियाँ बनाती हैं प्रगति का द्वार।
बेटियाँ हैं देवी की रूप, पूजनीय और वंदनीय,
उनकी खुशी में है सबकी खुशी।
उनके आँसू में है सबकी दुश्वारिशी,
सदा उनका सम्मान करो, वे हैं परिवार की शाननीय।
बेटियों को सुरक्षा दो, सशक्त बनेगा तब ही देश,
बेटियों को सम्मान दो, ये समाज का है कर्तव्य महान।
उनकी शिक्षा पर ध्यान दो, बनेगा कल का भविष्य प्राण,
उनका सम्मान ही है मान, सच्चा भारत का परिवेश।
-©®डॉ माया
नन्हें नन्हें से कदमों से,
जब वो घर आई थी।
किसी ने उसको प्यार किया,
किसी ने उसको अस्वीकार किया।
बेटी बेटी कह कह कर,
उसका जीना हराम किया।
आज भी बेटी से ज्यादा,
लोगों को बेटे प्यारे है।
बेटा हुआ तो जसन मगर,
बेटी हुई तो चेहरे पे झूठी मुस्कान।
फिर क्यों कहो उसको
तुम लक्ष्मी,
क्यों कहो उसको तुम दुर्गा,
जब बोझ लगे इतनी बेटी,
तो फिर क्यों तुम देवियों को मानो।
पढ़ना लिखना तो जैसे,
उसके लिए एक सपना हो।
काम काम बस काम,
यही उसका अपना हो।
ना बाहर की दुनिया देखो,
ना अंदर के काम छोड़ो,
तुम बेटी हो,
सारे सपने पिया के घर देखो।
जैसे जैसे बड़ी हो गई,
हाथ उसके पीले कर गए,
मासूम सी चिड़िया से,
उसका घर दूर कर गए।
उसके भी तो सपने थे,
उसको भी तो जीना था,
खुला आसमान उसको भी तो देखना था।
पल भर में खून का रिश्ता पराया कर दिया,
बेटी बेटी कहकर उसको,
किसी को दहेज संग बेच दिया,
प्यार सिर्फ बेटों को किया,
क्यों बेटियों को ना समझा गया।
झाड़ू, पोछा, बर्तन, कपड़ा,
जिंदगी भर यही काम किया,
फिर भी उसका किसी ने ना सम्मान किया।
तुम लड़की हो, यही फ़र्ज़ है तुम्हारा,
यही कहकर इस जग ने,
बेटियों के मन में ये घर किया,
अगले जन्म बनू तो में भी बेटा,
यही कह कर उसने अपनी जिंदगी का त्याग कर दिया..।
–अंजली पाराशर
Daughters :The Laxmi of every house
For some people they are the curse and over burden into their families but for some they are the blessings who brought them good luck.
Daughter are adorable They are the shining star of future. Daughter are the princess of Daddy and
Barbie Doll of Mom
Best friend of their Brother and Sister And Little Bird of Grandparents. Love your Daughter, try to understand her, help her understand the right direction, give her the right path.
Daughters are very precious to their parents, grandparents and siblings. .They share a very cute bond with their families until they move by marriage.
They understand every pain of their family and try to help them with their level best .They had to balance the Pride of two families together.Being a daughter is not that easy.
Anushka Pandey
