heart, love, sunset-3147976.jpg

Dil Ka Rishta/YMPH-Daily-Writing-Challenge

18/03/2024 की प्रतियोगिता का विषय है “Dil ka Rishta” हमसे जुड़े हुए प्रतिभावान कवियों के कविताओं को पढ़िए । प्रेम, डर, और अंधकार ऐसे कई मायने होंगे जो कवियों के दिल को भावुक रखते है । ऐसी भावुकता का हम आदर करते है और उनकी भावनाओं को निपुण बनाना ही संकल्प है हमारा । हम हर रोज किसी न किसी विषय पर अपने व्हाट्सएप्प ग्रुप में Daily Challenge प्रतियोगिता के माध्यम से लेखकों तथा कवियों को उनकी बातों को कलम तक आने का मौका देते है । और जो सबसे अच्छा लिखते हैं । आप उनकी लेख इस पेज पर पढ़ रहे है

The theme of the competition for 18/03/2024 is Dil ka Rishta“. Read the poems of the talented poets associated with us. Love, fear, and darkness are the many meanings that keep the hearts of poets emotional. We respect such sentiments and it is our resolve to make their feelings adept. Every day, we give an opportunity to writers and poets to put their thoughts to pen through the Daily Challenge competition in our WhatsApp group on different Topic. And those who write best. You are reading those article on this page.

Dil Ka Rishta

Dil ka rishta

Aankhein khuli jab pehli baar
Uss pal se hi maine kuch rishte paaye
Jeevan ki tapti raah par chalte chalte
Kuch rishte maine aise bhi kamaaye
Jinme na khoon ka farz hai
Naahi hain namak ke udhaar bakaaye
Bas kandhe se kandha milate huye chalkar
Saath dil ke dhun bandhaaye
Ankahe dukh aapas me baant kar
Man se man milaye
Phir bhi in rishto ki keemat
Sone ki pattiyon se na nap paaye

Chetna Singh

ये दिल का रिश्ता ही है
जो तुम्हे मुझसे मिलाता है यूं ही बार बार
ये कोई इत्तेफ़ाक नहीं है के तुम मेरी जिंदगी में यूं ही आ गए
ये रब का इशारा है जो हमे मिलाने की साज़िश में लगा है।
Sana

Dil ka rishta Dil se apne aap jud jata hy usse kuch bolne ki zarurat ni hoti, kuch shikayat krne ki zarurat ni hoti aur kuch erada ni hota pyar ke alawa…..

*Shailaja

‘” दिल का रिश्ता ‘”

Kiran maurya

दिल का रिश्ता धमनियों से है,
दिल का रिश्ता थोड़ा बहोत फेफड़ों से है,
मेरे हाइपोथेसिस में यही सिलेक्ट हुआ,
बाकी लोगों का प्यार मोहब्बत रिजेक्ट है;
मेरी रिसर्च दिल के ‘आलिंद’ ऑफिस में जमा है,
‘ निलय ‘ बोर्ड से सर्टिफिकेट मिला,
अब समझ में यह नहीं आ रहा है!
दो लोगों में दो लोगों का दिल से कैसा रिश्ता हुआ?
यह तो रिसर्च में कुछ पढ़ा नहीं!
अब लोगों का कैसा रिश्ता; मेरे पल्ले पड़ा नहीं,
दिल में नजरों का तीर! कमबख्त किस तकनीक ने बनाया समझ में आज तक न आया।
लोग कहते हैं, दिल नहीं समुंदर है! अजीब बात है ,यह किसी भी भूगोल बुक में नहीं मिला मुझे।
किसी को देखकर दिल धड़कने लगा! अब अजीब हाल है, बॉडी में ब्लड का सरकुलेशन बाकी समय में कैसे होता है।
दिल का दिल से रिश्ता नहीं समझ में आया आज तक।। 🙃😜
..✍️

Comments are closed.